हमारे सिद्धांत

हम सभी “मानव समाज” के अंग हैं क्योंकि मानव सामाजिक प्राणी है | समाज विचारों से चलता है, व्यवहार से सींचा जाता है, गुणों से चारों दिशाओं में महकता है | एक समाज की महक दूसरे समाज को आंदोलित करती है | यह आन्दोलन सकारात्मक भी हो सकता है, नकारात्मक भी | इसकी महक पर निर्भर करता है | सभी मानवजाति अपने को भूत, भविष्य एवं वर्तमान को जानने व संवारने की जिज्ञासा रखती है, जिसमें बहुत से लोग धर्म को महत्त्वपूर्ण मानते हैं | यह उनकी निजी मान्यता का अधिकार है, जो समय-समय पर अपने अच्छे या बुरे प्रभाव लेकर सामने आता है | जिससे राष्ट्र का हर अंग प्रभावित हो जाता है और एक राष्ट्रीय मजबूती या कमजोरी की ओर बढ़ जाता है |

इसलिए राष्ट्रहित चिन्तक विपक्ष राष्ट्र धर्म के रूप में सभी धर्मों के मूल भावना, मानवता को अपने साथ जोड़कर तैयार होगा, ताकि पूरा देश एक-साथ जुड़कर मजबूती से विश्व में खड़ा हो सके |

इस विषय में हम बहुत तरह के विचार सुनते रहे हैं , आगे भी इस पर चर्चा होती रहेगी | परन्तु, हमारा मानना है कि राष्ट्रहित चिन्तक विपक्ष पार्टी को चार बातें हमेशा शक्ति प्रदान करेंगी, जो हर धर्म, जाति, समाज में सम्मानित हैं और मानवता का मूल मंत्र भी हैं –
प्रेम,
विश्वास,
सहयोग,
त्याग
ये बातें इस देश को आधार प्रदान करेंगी तो अपना देश ही नहीं, पूरा विश्व इस विचारधारा को सम्मान प्रदान करेगा |

राष्ट्रहित चिंतक विपक्ष पार्टी के विचार और कार्य

  1. यह पार्टी देश के लिए समर्पित वर्ग का प्रतिनिधित्व करेगी जो वर्तमान जनतंत्र को संवारना चाहते हैं और यह पार्टी राष्ट्रीय संवर्धन योजना बना कर कार्य करना चाहती है |
  2. यह पार्टी मानती है कि यदि देश के सभी नागरिक दूरदर्शी होकर देश के प्रेमी हो जाएं तो जन-जन आपस में प्रेम करने लगेगा | विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ेगी और लोग एक दूसरे का हित करने के लिए त्याग भी करने लगेंगे | सभी यह बात जानते हैं किन्तु शुरुआत कहाँ से करें उसके लिए राष्ट्र हित चिन्तक मंच एक आरम्भ पटल है | जहाँ से प्रत्येक कार्यकर्ता के गुणों के अनुरूप उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में प्रभार देकर प्रशिक्षित और प्रेरित किया जाएगा जिसमें राष्ट्रहित चिन्तक विपक्ष पार्टी भी एक अंग है |
  3. हम ये समझते हैं कि देश की सभी विविधताएं जो देश में स्थापित हैं और देश में भय, अविश्वास, लड़ाई और देश को दिशाहीन कर रहीं हैं | यदि सभी देशप्रेम से प्रेरित होकर काम करें तो उन्हें एक दूसरे के गुण दिखाई देंगे | आपसी प्रेम, विश्वास, सहयोग और त्याग की भावना बढ़ेगी |
  4. साथियों, हमारा मानना है कि देश में जनतंत्र को संवारने का मुख्य कार्य राष्ट्र हित चिंतक स्थाई विपक्ष ही कर सकता है |
  5. “राष्ट्र हित चिन्तक मंच” देश को संवारने के लिए देश में आम सभाओं से लेकर संसद तक चर्चा का मौका देगा |
  6. राष्ट्रहित चिन्तक मंच “राष्ट्रीय संवर्धन योजना” के लिए देश के रत्नों को एकत्रित करेगा और उनकी माला बनाकर भारत माता को संवारने के लिए समर्पित करेगा |
  7. हम मानते हैं कि भारत माता के सम्मान का मुकुट संसद है | उनकी स्थापित मर्यादाओं से देश सुसंस्कृत होगा | इसीलिए संसदीय मर्यादाओं में रहकर संविधान को स्थापित करेंगे |
  8. हम अभी तक भूतपूर्व महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम से उनके जन्मदिन और पुण्य तिथियों पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर देश को संवारने का कार्य कर रहे हैं | वर्तमान में सम्मानित व्यक्तियों को ढूंढ नहीं रहे हैं | व्यक्तित्व संवारने का कार्य भी प्रभावी नहीं है | इसलिए इस मंच के माध्यम से यह कार्य राष्ट्रहित चिन्तक मंच करेगा |
  9. हम देश के हर नागरिक को समानता के आधार पर देश को संवारने के लिए मंच प्रदान करेंगे |
  10. हम नागरिकों को ‘मानवीय सेवा भाव’ के आधार पर प्रकाशित और उन्नत करेंगे |
  11. जनता द्वारा चुने गए पक्ष एवं विपक्ष में बैठे सभासदों को उनकी जनता के प्रति व राष्ट्र के प्रति जवाबदेही की याद दिलाकर उन्हें राष्ट्र और जनहित के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे |
  12. विपक्षी भूमिका को सम्मानित कर हम राष्ट्र जननीति पर कार्य करेंगे |
  13. हम सदैव देश में कुछ मुद्दों को उठाएंगे जैसे:
    • क) शिक्षा का समान एवं नि:शुल्क अधिकार |
    • ख) रोज़गार का समुचित अधिकार |
    • ग) स्वास्थ्य का नि:शुल्क अधिकार |
    • घ) किसानों को स्वरोजगार देना |
    • ङ) नारी शक्ति के लिए देश में सम्मान और सुरक्षा का कार्य |
    • च) न्याय व्यवस्था की आसान पहुँच |
    • छ) देश के सभी व्यवसायियों तकनीकी व मजदूरों का अनुभव के आधार पर वेतन निर्धारित करना |
    • ज) देश के उत्पादकों के निर्मित सामान का मूल्य निर्धारित करना, ताकि व्यापारिक लाभ बराबर हो |